ऐ पाक के बच्चे, अभी तुम इस योग्य नहीं
कि बातों को समझा सको।
चिल्लाने से, गरजने से और शोर मचाने से
कश्मीर की एक इंच भी भूमि नहीं मिलेगी।
नर संहार बन्द करो,
सम्प्रदायिकता बन्द करो।
खेतों में तलवार नहीं —
अनाज उगाओ, अपनी जनता को खिलाओ।
मानता हूँ तुम्हारे पास कुछ बम है,
लेकिन तुम्हारी उम्र बहुत कम है।
पौड़ और डालरों की ताकत से,
सीटों और सेटी की बातों से—
कश्मीर नहीं मिलने का।
तुम्हारी जनता भूखी है,
खाली पेट, बेसहारा है।
तेरी नादानी को देखकर,
तेरी शैतानी को देखकर—
मानवता तड़प रही है।
तुम्हारा धर्म तुझ पर दंग है।
इसलिए यह सब बकवास बन्द करो।
उछल-कूद करने से, आग उगलने से—
कश्मीर नहीं मिलने का।
सारा कश्मीर हमारा है,
यह प्राणों से भी प्यारा है।
जो इस पर आँख उठायेगा,
वह चूर-चूर हो जायेगा।
हम तुझे माफ कर देंगे,
अपना भाई बना लेंगे—
जब तुम अपना कान पकड़ कर
केवल दो बार उठोगे-बैठोगे।
हम तुझे अधिक सजा नहीं देंगे
इसलिए कि तुम नादान हो, शरीर से बेजान हो।
और सबसे बड़ी बात — पकड़ो अपना कान।
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